School Holiday Notice: कड़ाके की ठंड और लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए जिला शामली प्रशासन ने एक अहम निर्णय लिया है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए कक्षा 1 से लेकर 8वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। यह फैसला जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के आपसी समन्वय से लिया गया है, ताकि छोटे बच्चों को ठंड, कोहरे और शीतलहर से होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके।
ठंड और कोहरे के चलते लिया गया फैसला
पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। सुबह और देर रात घना कोहरा, तेज ठंडी हवाएं और शीतलहर का असर साफ देखा जा रहा है। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति और भी अधिक जोखिम भरी बन जाती है। स्कूल जाने के समय सुबह-सुबह ठंड और कोहरे के कारण दृश्यता कम हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया कि कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए स्कूल बंद रखे जाएं। अधिकारियों का मानना है कि इस समय बच्चों को घर से बाहर भेजना उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश जारी
इस अवकाश से संबंधित आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शामली की ओर से जारी किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 24 जनवरी को जनपद में संचालित कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालय बंद रहेंगे। इस दौरान बच्चों को स्कूल आने की आवश्यकता नहीं होगी। यह निर्णय जिलाधिकारी के निर्देशानुसार लिया गया है, ताकि ठंड के प्रकोप से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके।
प्रशासन का यह भी कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे के फैसले मौसम की गंभीरता को देखते हुए लिए जाएंगे।
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता
प्रशासन और शिक्षा विभाग दोनों का मुख्य उद्देश्य यह है कि बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी सुरक्षा से कोई समझौता न हो। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और अत्यधिक ठंड में बाहर निकलने से उन्हें सर्दी, खांसी, बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा घने कोहरे में सड़क पर चलना भी सुरक्षित नहीं माना जाता।
इसी कारण प्रशासन ने यह कदम उठाया है। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह से बच्चों के हित में है और अभिभावकों को भी इस निर्णय से राहत मिलेगी।
अभिभावकों और छात्रों को मिली राहत
स्कूल बंद होने की खबर से छात्रों के साथ-साथ उनके अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है। सुबह-सुबह बच्चों को ठंड में स्कूल भेजने की चिंता अभिभावकों के लिए हमेशा बनी रहती है। खासकर नर्सरी और प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए यह मौसम काफी चुनौतीपूर्ण होता है।
एक दिन के अवकाश के बाद 25 जनवरी को रविवार होने के कारण पहले से ही छुट्टी रहेगी। ऐसे में बच्चों को लगातार दो दिन का आराम मिलेगा। यदि मौसम की स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो प्रशासन अवकाश को आगे बढ़ाने पर भी विचार कर सकता है।
आगे बढ़ सकता है अवकाश
शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि यदि आने वाले दिनों में भी ठंड और कोहरे का असर इसी तरह बना रहता है, तो स्कूलों में अवकाश की अवधि को बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग मौसम की रिपोर्ट और तापमान की स्थिति का आकलन कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी उनका स्वास्थ्य और सुरक्षा है। इसलिए किसी भी तरह का निर्णय सोच-समझकर और परिस्थितियों के अनुसार लिया जाएगा।
किन-किन स्कूलों पर लागू होगा आदेश
जारी किए गए आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि यह अवकाश बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत आने वाले सभी परिषदीय विद्यालयों पर लागू होगा। इसके साथ ही जनपद में संचालित सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में भी कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए यह आदेश मान्य रहेगा।
इसके अलावा सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के छात्र भी इस अवकाश के दायरे में आएंगे। यानी इन कक्षाओं के बच्चों को 24 जनवरी को स्कूल नहीं जाना होगा।
शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए निर्देश
हालांकि छात्रों के लिए अवकाश घोषित किया गया है, लेकिन जिन शिक्षकों या कर्मचारियों की निर्वाचन या अन्य प्रशासनिक ड्यूटी लगी हुई है, उन्हें अपना कार्य निर्धारित समय पर करना होगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त नहीं होंगे।
मौसम को देखते हुए लिया गया जिम्मेदार कदम
कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि ठंड और खराब मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय समय पर और जिम्मेदार कदम है। इससे न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि अभिभावकों की चिंता भी कम होगी। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति के अनुसार आगे के आदेश जारी किए जा सकते हैं।
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे मौसम की गंभीरता को समझें और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें। बच्चों का स्वास्थ्य सबसे बड़ा प्राथमिक विषय है और इसी सोच के साथ यह फैसला लिया गया है।











