Mustard Oil Price Drop: रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाला सरसों का तेल अब आम लोगों के बजट में कुछ राहत लेकर आया है। हाल के दिनों में सरकार द्वारा GST और टैक्स से जुड़े नियमों में किए गए बदलावों के बाद सरसों तेल की कीमतों में स्पष्ट गिरावट देखने को मिल रही है। यह राहत ऐसे समय में मिली है, जब महंगाई के कारण घरेलू खर्च पहले से ही दबाव में था और खाने के तेल की कीमतें हर परिवार के लिए चिंता का विषय बनी हुई थीं।
सरसों तेल भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वी राज्यों तक बड़ी संख्या में लोग रोजाना सरसों तेल का उपयोग करते हैं। ऐसे में इसके दामों में थोड़ी सी भी कमी सीधे तौर पर आम आदमी की जेब पर असर डालती है। GST के नए नियम लागू होने के बाद बाजार में जो बदलाव देखने को मिले हैं, उससे उपभोक्ताओं को अब सस्ते दाम पर सरसों तेल मिल रहा है।
GST और टैक्स नियमों में बदलाव का असर
हालांकि सरसों तेल पर GST की दर पहले भी 5 प्रतिशत थी और अब भी वही बनी हुई है, लेकिन नए नियमों के तहत टैक्स स्ट्रक्चर और सप्लाई चेन को ज्यादा पारदर्शी बनाया गया है। पहले जहां टैक्स क्लीयरेंस, ट्रांसपोर्ट और प्रोसेसिंग से जुड़े खर्च अलग-अलग स्तरों पर जुड़ते थे, वहीं अब इन सभी प्रक्रियाओं में सुधार हुआ है।
सरकार के इस कदम से तेल कंपनियों और व्यापारियों की लागत में कमी आई है। जब लागत घटती है, तो उसका सीधा असर रिटेल कीमतों पर पड़ता है। यही वजह है कि बीते कुछ हफ्तों में सरसों तेल के खुदरा दामों में लगातार नरमी देखने को मिली है। उपभोक्ताओं के लिए यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि खाने के तेल पर होने वाला खर्च मासिक बजट का बड़ा हिस्सा होता है।
पहले और अब: सरसों तेल की कीमतों में अंतर
अगर कुछ समय पहले की बात करें, तो बाजार में सरसों तेल का दाम ₹190 से ₹200 प्रति लीटर तक पहुंच गया था। इस वजह से कई परिवारों ने तेल की खपत कम कर दी थी या सस्ते विकल्पों की ओर रुख किया था। लेकिन अब स्थिति बदलती नजर आ रही है।
नए रेट्स के अनुसार, सरसों तेल ₹135 से ₹185 प्रति लीटर के दायरे में उपलब्ध हो रहा है। यह अंतर ब्रांड, गुणवत्ता और क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है, लेकिन कुल मिलाकर कीमतों में आई गिरावट साफ दिखाई दे रही है। थोक मंडियों में भी सरसों तेल और सरसों के भाव में संतुलन बना हुआ है, जिससे खुदरा बाजार को भी फायदा मिल रहा है।
आज के ताजा सरसों तेल के भाव
वर्तमान समय में बाजार में सरसों तेल के दाम इस प्रकार देखे जा रहे हैं:
- खुला सरसों तेल (रिटेल): लगभग ₹135 से ₹160 प्रति लीटर
- पैक्ड ब्रांड सरसों तेल: करीब ₹155 से ₹170 प्रति लीटर
- प्रीमियम कच्ची घानी सरसों तेल: ₹170 से ₹185 प्रति लीटर के आसपास
- मंडी भाव (औसत): लगभग ₹14,600 से ₹16,200 प्रति क्विंटल
इन भावों से साफ है कि चाहे खुला तेल हो या ब्रांडेड पैक, हर सेगमेंट में कीमतें पहले की तुलना में नीचे आई हैं। मंडियों में सरसों की आवक बढ़ने से भी बाजार को स्थिरता मिली है।
सरसों तेल सस्ता होने से किसे होगा फायदा?
सरसों तेल की कीमतों में आई इस गिरावट का सबसे बड़ा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलेगा। मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह राहत खास मायने रखती है, क्योंकि इनके बजट में खाने-पीने की चीजों का खर्च बड़ा हिस्सा होता है।
इसके अलावा छोटे दुकानदार, किराना स्टोर और रेहड़ी-पटरी वाले भी इसका फायदा उठा सकते हैं। सस्ते दाम पर तेल मिलने से वे ग्राहकों को बेहतर रेट दे सकते हैं, जिससे उनकी बिक्री बढ़ने की संभावना रहती है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में जब खाने-पीने की खपत बढ़ती है, तब सस्ता सरसों तेल बाजार के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जाता है।
घरेलू बजट पर पड़ेगा सीधा असर
सरसों तेल के दाम घटने से घरेलू बजट पर सीधा असर दिखेगा। एक औसत परिवार महीने में 2 से 3 लीटर तेल का इस्तेमाल करता है। अगर प्रति लीटर ₹20 से ₹40 की बचत होती है, तो महीने के खर्च में अच्छी-खासी राहत मिल सकती है। यह बचत अन्य जरूरी चीजों पर खर्च करने में मददगार साबित हो सकती है।
साथ ही, रसोई गैस, दाल, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच सरसों तेल का सस्ता होना उपभोक्ताओं के लिए संतुलन बनाने में सहायक होगा।
आगे क्या रह सकती है कीमतों की दिशा?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरसों की फसल की आवक बनी रहती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाने के तेलों के दाम स्थिर रहते हैं, तो आने वाले हफ्तों में सरसों तेल की कीमतें इसी दायरे में रह सकती हैं। हालांकि मौसम की स्थिति, उत्पादन में बदलाव और वैश्विक मांग जैसे कारक भविष्य में दामों को प्रभावित कर सकते हैं।
फिलहाल बाजार के संकेत सकारात्मक हैं और कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की संभावना कम नजर आ रही है। यही वजह है कि कई जानकार इसे सरसों तेल खरीदने का सही समय मान रहे हैं।
आम लोगों के लिए अच्छी खबर
कुल मिलाकर, GST के नए नियमों और सप्लाई चेन में सुधार के बाद सरसों तेल की कीमतों में आई गिरावट आम जनता के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय रसोई में सरसों तेल की अहम भूमिका को देखते हुए इसके दामों में स्थिरता और कमी दोनों ही उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद हैं।
अगर आप लंबे समय से सरसों तेल के दाम कम होने का इंतजार कर रहे थे, तो मौजूदा समय खरीदारी के लिहाज से बेहतर माना जा सकता है। बाजार में कीमतें फिलहाल नीचे की ओर बनी हुई हैं और इसका फायदा उठाकर आप अपने घरेलू खर्च में कुछ बचत जरूर कर सकते हैं।









