LPG Gas Cylinder Price Cut: जनवरी 2026 की शुरुआत होते ही देशभर के करोड़ों घरों में एक सवाल हमेशा की तरह गूंजने लगता है – “इस बार गैस सिलेंडर के दाम बढ़े या घटे?” रसोई से जुड़ा यह सवाल अब सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि हर परिवार के मासिक बजट का अहम हिस्सा बन चुका है। खासकर मध्यम वर्ग और सीमित आय वाले परिवारों के लिए एलपीजी सिलेंडर की कीमत महीने की आर्थिक योजना तय करती है। ऐसे में जनवरी 2026 में रसोई गैस को लेकर जो तस्वीर सामने आई है, वह राहत देने वाली कही जा सकती है।
जनवरी 2026 में एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों की स्थिति
इस महीने की सबसे अच्छी बात यह रही कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में कोई अचानक या बड़ा बदलाव नहीं हुआ। पिछले कुछ महीनों से जिस तरह कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा था, उसके मुकाबले जनवरी की शुरुआत काफी स्थिर रही। यह स्थिरता उन परिवारों के लिए किसी सुकून से कम नहीं है, जिनके लिए हर बढ़ा हुआ रुपया रसोई के खर्च को प्रभावित करता है।
महंगाई के इस दौर में, जब सब्जी, दाल, दूध और अन्य जरूरी सामान लगातार महंगे होते जा रहे हैं, ऐसे समय में गैस सिलेंडर का दाम स्थिर रहना अपने आप में एक सकारात्मक संकेत है। इससे कम से कम एक जरूरी खर्च को लेकर अनिश्चितता कम होती है।
अलग-अलग शहरों में घरेलू सिलेंडर के ताजा भाव
देश के विभिन्न हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर के दामों में हल्का-फुल्का अंतर हमेशा से रहा है, और जनवरी 2026 में भी यही स्थिति देखने को मिलती है। यह अंतर मुख्य रूप से ट्रांसपोर्ट लागत, स्थानीय टैक्स और डीलर मार्जिन जैसी वजहों से होता है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर की बात करें तो यहां 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 856 रुपये के आसपास बनी हुई है। वहीं राज्य के ही डूंगरपुर जैसे शहरों में यह कीमत थोड़ी ज्यादा, करीब 900 रुपये से ऊपर देखने को मिलती है। छोटे शहरों और दूर-दराज के इलाकों में सिलेंडर का दाम अधिक होना कोई नई बात नहीं है, क्योंकि वहां आपूर्ति से जुड़ी लागत ज्यादा होती है।
अगर महानगरों की बात करें तो दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में भी दाम लगभग समान स्तर पर बने हुए हैं। दिल्ली और मुंबई में कीमतें 850 रुपये के आसपास हैं, जो यह दर्शाता है कि देशभर में फिलहाल कोई बड़ा मूल्य अंतर नहीं है।
कमर्शियल सिलेंडर के दाम और कारोबारियों को राहत
घरेलू उपयोग के अलावा कमर्शियल गैस सिलेंडर भी बड़ी संख्या में इस्तेमाल होते हैं, खासकर ढाबों, होटलों, रेस्टोरेंट और छोटे खाद्य व्यवसायों में। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी जनवरी 2026 में स्थिर नजर आ रही है।
करीब 1,700 रुपये के आसपास बनी हुई यह कीमत उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो खाने-पीने के कारोबार से जुड़े हैं। अगर कमर्शियल सिलेंडर के दाम अचानक बढ़ते हैं तो उसका सीधा असर खाने की कीमतों पर पड़ता है, जिसका बोझ अंततः आम ग्राहक को उठाना पड़ता है। ऐसे में दाम स्थिर रहना न सिर्फ कारोबारियों बल्कि ग्राहकों के लिए भी फायदेमंद है।
उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों को सबसे बड़ी राहत
एलपीजी सिलेंडर से जुड़ी सबसे बड़ी राहत उन परिवारों को मिल रही है जो प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी का लाभ ले रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत सरकार हर सिलेंडर पर 300 रुपये की सीधी सब्सिडी दे रही है, और यह सुविधा साल में निर्धारित संख्या तक उपलब्ध है।
ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सब्सिडी किसी वरदान से कम नहीं है। जिन घरों में पहले लकड़ी या कोयले पर खाना बनता था, वहां अब गैस चूल्हे पर खाना पकाना संभव हो पाया है। सब्सिडी के कारण हर महीने सैकड़ों रुपये की बचत हो जाती है, जो इन परिवारों के लिए बहुत मायने रखती है।
कई परिवार बताते हैं कि गैस सब्सिडी से बचा हुआ पैसा वे बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों या अन्य जरूरी खर्चों में लगा पाते हैं। इससे यह साफ होता है कि यह योजना सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक असर डाल रही है।
क्या आगे भी बने रहेंगे यही दाम?
हालांकि जनवरी 2026 की स्थिति संतोषजनक है, लेकिन भविष्य को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होना मुश्किल है। एलपीजी की कीमतें कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों पर निर्भर करती हैं। कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय भाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और वैश्विक बाजार में मांग-आपूर्ति जैसे कारण सीधे तौर पर गैस के दामों को प्रभावित करते हैं।
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होता है या रुपये में कमजोरी आती है, तो आने वाले महीनों में गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं अगर वैश्विक हालात अनुकूल रहते हैं, तो कीमतों में स्थिरता बनी रह सकती है।
आम परिवारों के लिए बजट बनाने की सलाह
इस समय सबसे समझदारी भरा कदम यही है कि परिवार अपने मासिक बजट में थोड़ी लचीलापन रखें। गैस सिलेंडर की कीमत भले ही इस महीने स्थिर हो, लेकिन भविष्य में बदलाव संभव है। ऐसे में हर महीने खर्चों का सही आकलन करना और थोड़ी बचत रखना जरूरी है।
सरकार की योजनाओं का लाभ लेना, समय पर सब्सिडी की जानकारी रखना और गैस का सही उपयोग करना भी खर्च को नियंत्रित करने में मदद करता है। छोटे-छोटे कदम, जैसे गैस की बचत और सही रखरखाव, लंबे समय में अच्छी बचत दिला सकते हैं।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर कहा जाए तो जनवरी 2026 एलपीजी गैस सिलेंडर के लिहाज से एक राहत भरा महीना साबित हुआ है। न घरेलू उपभोक्ताओं को कोई बड़ा झटका लगा और न ही कारोबारियों को अचानक बढ़ी लागत का सामना करना पड़ा। उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों के लिए यह समय और भी सुकून देने वाला रहा।
भले ही आगे क्या होगा, यह कोई निश्चित रूप से नहीं कह सकता, लेकिन फिलहाल रसोई का बजट संतुलन में है। उम्मीद यही की जानी चाहिए कि आने वाले महीनों में भी यह स्थिरता बनी रहे और आम आदमी को महंगाई के मोर्चे पर थोड़ी राहत मिलती रहे।









