IMD Rain Alert Today: देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से ठंड के तेवर कुछ नरम पड़े थे। लोगों को लगने लगा था कि अब धीरे-धीरे सर्दी विदा ले रही है और तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। लेकिन इसी बीच मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत के अनेक राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और गिरते तापमान ने फिर से ठंड का एहसास बढ़ा दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 जनवरी से 28 जनवरी तक देश के कई राज्यों के लिए बारिश, आंधी और शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है।
सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ बनेगा मौसम परिवर्तन की वजह
मौसम विभाग के अनुसार, 24 से 28 जनवरी के बीच एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को प्रभावित करने वाला है। इस सिस्टम के असर से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होते ही पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी राज्यों तक बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। इसका सीधा असर तापमान पर पड़ेगा और ठंड में एक बार फिर इजाफा देखने को मिल सकता है।
दिल्ली-एनसीआर सहित इन राज्यों में होगी बारिश
आईएमडी की ताजा चेतावनी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। राजधानी दिल्ली में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। बारिश के कारण सुबह और शाम के समय ठंड ज्यादा महसूस होगी।
9 राज्यों में आंधी और तेज बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने देश के कुल 9 राज्यों में तूफानी हवाओं और भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश भी हो सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने का अनुमान है।
पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड पर खास नजर
पर्वतीय राज्यों में मौसम का असर ज्यादा गंभीर हो सकता है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में व्यापक बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बर्फबारी का अनुमान लगाया गया है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए चेतावनी
पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बर्फबारी के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और भूस्खलन का खतरा भी बना रह सकता है। स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मैदानी इलाकों में भी दिखेगा पश्चिमी विक्षोभ का असर
पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बदलेगा मौसम
मैदानी राज्यों में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ तौर पर देखा जा सकता है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
ओलावृष्टि की भी संभावना
मौसम विभाग ने ओलावृष्टि को लेकर भी चेतावनी जारी की है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओले गिर सकते हैं। ओलावृष्टि से किसानों को विशेष नुकसान हो सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां रबी की फसल तैयार अवस्था में है।
घने कोहरे का अलर्ट भी जारी
उत्तर भारत में बढ़ेगी कोहरे की समस्या
बारिश और ठंड के साथ-साथ कोहरे की समस्या भी लोगों को परेशान कर सकती है। 24 से 27 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कई हिस्सों में सुबह और रात के समय घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी कोहरे की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भी 25 जनवरी तक घना कोहरा देखा जा सकता है। वाहन चालकों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
शीतलहर का प्रकोप बढ़ने के आसार
बारिश और तेज हवाओं के बाद तापमान में गिरावट तय मानी जा रही है। मौसम विभाग ने 25 से 28 जनवरी के बीच हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में शीतलहर चलने की संभावना जताई है। इसके अलावा उत्तर भारत के करीब 17 शहरों में शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ठंडी हवाओं के कारण लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ सकता है।
आम जनता के लिए जरूरी सलाह
मौसम की इस बदलती स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बारिश और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों से बचें, पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करें और कोहरे के समय वाहन चलाते हुए सावधानी बरतें। किसानों को भी मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए फसलों की सुरक्षा के जरूरी उपाय करने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
जनवरी के आखिरी दिनों में मौसम एक बार फिर चुनौतीपूर्ण रूप ले सकता है। बारिश, बर्फबारी, तेज हवाएं, कोहरा और शीतलहर—इन सभी का असर उत्तर भारत के बड़े हिस्से पर देखने को मिलेगा। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना और आवश्यक सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।









