Bank Holiday Update: अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम करना है, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। आने वाले दिनों में बैंकों में लंबा अवकाश रहने वाला है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 24 जनवरी से शुरू होकर 27 जनवरी तक बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहने की संभावना है। ऐसे में नकद निकासी, चेक क्लियरेंस, पासबुक अपडेट, ड्राफ्ट या किसी अन्य शाखा से जुड़े काम समय पर पूरे नहीं हो पाएंगे। इसी कारण ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने सभी जरूरी बैंकिंग काम आज ही निपटा लें।
27 जनवरी को बैंक कर्मचारियों की हड़ताल
बैंक कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। यूनियनों का कहना है कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। हालांकि सरकार और बैंक यूनियनों के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन अब तक किसी सहमति पर नहीं पहुंचा जा सका है। 22 जनवरी को दिल्ली में हुई बैठक भी बेनतीजा रही, जबकि 23 जनवरी को एक और बैठक प्रस्तावित है। अगर इस बैठक में भी बात नहीं बनती है, तो हड़ताल होना लगभग तय माना जा रहा है।
किन-किन तारीखों में रहेंगे बैंक बंद
आमतौर पर बैंक महीने के दूसरे और चौथे शनिवार के साथ-साथ रविवार को बंद रहते हैं। इस बार छुट्टियों की वजह से बैंक लगातार चार दिन बंद रहने वाले हैं।
24 जनवरी को चौथा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे।
25 जनवरी को रविवार का अवकाश रहेगा।
26 जनवरी को देशभर में गणतंत्र दिवस की सरकारी छुट्टी है।
27 जनवरी को बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल के चलते बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।
इन सभी कारणों से 24 से 27 जनवरी तक बैंक शाखाओं में कोई प्रत्यक्ष कामकाज नहीं होगा।
डिजिटल सेवाएं रहेंगी चालू
हालांकि शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन राहत की बात यह है कि ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिलता रहेगा। मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन सामान्य रूप से काम करते रहेंगे। ग्राहक बैलेंस चेक करने, ऑनलाइन भुगतान, फंड ट्रांसफर और बिल भुगतान जैसे काम डिजिटल माध्यम से कर सकेंगे। फिर भी, जिन सेवाओं के लिए शाखा जाना जरूरी होता है, वे इस दौरान उपलब्ध नहीं होंगी।
हड़ताल टलने की भी है उम्मीद
बैंक हड़ताल को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। सूत्रों के मुताबिक सरकार हड़ताल रोकने के प्रयास कर रही है और यूनियनों के साथ बातचीत जारी है। इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है कि अंतिम समय में सहमति बन जाने के बाद हड़ताल वापस ले ली गई हो। अगर 23 जनवरी की बैठक में कोई समाधान निकल आता है, तो 27 जनवरी की हड़ताल टल सकती है। लेकिन जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक ग्राहकों को चार दिन की बैंक छुट्टी को ध्यान में रखकर ही अपने कामों की योजना बनानी चाहिए।
लंबे समय से चली आ रही हैं बैंक कर्मचारियों की मांगें
बैंक कर्मचारी पिछले काफी समय से सप्ताह में पांच दिन काम और दो दिन छुट्टी की मांग कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि सभी शनिवार को अवकाश घोषित किया जाए। वर्तमान में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही बैंक बंद रहते हैं। कर्मचारियों का तर्क है कि लगातार बढ़ते काम के दबाव और मानसिक तनाव को देखते हुए पांच दिन का कार्य सप्ताह जरूरी हो गया है।
5-डे बैंकिंग पर बनी थी सहमति
जानकारी के अनुसार, बैंक यूनियनों और इंडियन बैंक एसोसिएशन के बीच इस मुद्दे पर सहमति बन चुकी है। पिछले साल संसद में दिए गए एक लिखित जवाब में यह भी बताया गया था कि सभी शनिवार को अवकाश देने का प्रस्ताव रखा गया है। यूनियनों ने सरकार को यह भरोसा दिलाया है कि पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू होने से ग्राहकों को किसी तरह की असुविधा नहीं होगी। प्रस्ताव के तहत बैंक कर्मचारी हर कार्यदिवस में लगभग 40 मिनट अतिरिक्त काम करने के लिए भी तैयार हैं, ताकि कुल कार्य घंटे संतुलित रह सकें।
“जब अन्य संस्थानों में शनिवार की छुट्टी, तो बैंकों में क्यों नहीं?”
बैंक कर्मचारियों का सवाल है कि जब कई सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों में पहले से ही पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू है, तो बैंकों को इससे अलग क्यों रखा जाए। उनका मानना है कि समान कार्य संस्कृति अपनाने से कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ेगी और काम की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। इसी मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है।
ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
लगातार चार दिन बैंक बंद रहने की संभावना को देखते हुए ग्राहकों को चाहिए कि वे चेक जमा करना, नकद निकासी, ऋण से जुड़े कागजात, ड्राफ्ट और अन्य जरूरी काम समय रहते पूरे कर लें। खासतौर पर व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को अपने वित्तीय लेनदेन की योजना पहले से बना लेनी चाहिए, ताकि छुट्टियों के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो।
संक्षेप में कहा जाए तो आने वाले दिनों में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है। ऐसे में समझदारी इसी में है कि बैंक से जुड़े सभी जरूरी काम आज ही निपटा लिए जाएं और डिजिटल सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।









