Aaj Ka Mausam: दिल्ली और आसपास के इलाकों ने इस सर्दी के मौसम में अब तक का सबसे लंबा सूखा दौर देखा है। बीते कई हफ्तों से आसमान साफ रहा, न बारिश हुई और न ही बादलों की कोई खास मौजूदगी देखने को मिली। ठंडी हवाओं और गिरते तापमान के बीच नमी की कमी साफ महसूस की जा रही थी। लेकिन अब मौसम से जुड़ी ताजा जानकारियों के अनुसार यह शुष्क स्थिति जल्द समाप्त होने वाली है। राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है, जिससे लोगों को लंबे इंतजार के बाद राहत मिलने की उम्मीद है।
अक्टूबर के बाद से लगातार सूखा रहा मौसम
दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में आखिरी बार मापने योग्य बारिश 08 अक्टूबर 2025 को दर्ज की गई थी। उस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बाद कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली थी। इसके बाद से ही मौसम शुष्क बना रहा। जनवरी के महीने में केवल एक दिन बेहद मामूली बारिश दर्ज की गई, जिसे तकनीकी रूप से “ट्रेस” बारिश कहा गया। इसके अलावा पूरे समय बारिश पूरी तरह नदारद रही। इस वजह से न केवल नमी का स्तर गिरा, बल्कि ठंड का असर भी ज्यादा महसूस किया गया।
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से बदलेगा मौसम का मिजाज
अब मौसम में बदलाव की मुख्य वजह एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है, जो उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। यह प्रणाली पहले ही उत्तर पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के ऊपर असर दिखा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं और कई जगहों पर हल्की बर्फबारी और बारिश की खबरें भी सामने आ रही हैं। इसका प्रभाव धीरे-धीरे मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रहा है, जिससे पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी मौसम में बदलाव नजर आने लगा है।
इसके साथ ही पश्चिमी राजस्थान और मध्य पाकिस्तान के ऊपर एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। ऊपरी वायुमंडल में बना ट्रफ इस पूरे सिस्टम को और मजबूती दे रहा है। इन सभी मौसमी गतिविधियों के संयुक्त प्रभाव से उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान होने वाली बारिश की स्थिति बन रही है।
दिल्ली-एनसीआर में असर हल्का, लेकिन महत्वपूर्ण
हालांकि दिल्ली इस पूरे सिस्टम के मुख्य प्रभाव क्षेत्र में नहीं है, बल्कि इसके किनारे स्थित है। इसी वजह से यहां बहुत तेज या व्यापक बारिश की संभावना नहीं जताई जा रही है। बावजूद इसके, लंबे समय से चले आ रहे सूखे का अंत अब लगभग तय माना जा रहा है। मौसम से जुड़े कई कारकों में एक साथ बदलाव देखने को मिलेगा, जिसमें हवा की दिशा, वातावरण में नमी, तापमान और बादलों की मौजूदगी शामिल है।
आज से ही दिल्ली के आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। जैसे-जैसे सिस्टम आगे बढ़ेगा, बादल घने होते जाएंगे और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनती जाएंगी। यह बदलाव राजधानी के मौसम को काफी हद तक प्रभावित करेगा।
बारिश की शुरुआत और संभावित समय
दिल्ली-एनसीआर में 23 जनवरी की तड़के बारिश की शुरुआत होने की संभावना है। शुरुआती दौर में बारिश हल्की रह सकती है, लेकिन इसके बाद दिनभर रुक-रुक कर वर्षा होती रहेगी। सुबह और दोपहर के समय कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज और बौछारें भी देखने को मिल सकती हैं। यह बारिश भले ही बहुत अधिक न हो, लेकिन लंबे सूखे के बाद इसका महत्व काफी ज्यादा है।
रात के समय बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने लगेगी और आधी रात के बाद मौसम अपेक्षाकृत शांत हो जाएगा। हालांकि बादल बने रहेंगे, जिससे ठंड के अहसास में भी हल्का बदलाव महसूस किया जा सकता है।
तापमान में आएगा हल्का उछाल
बारिश और बदली के कारण न्यूनतम तापमान में भी वृद्धि दर्ज की जा सकती है। 23 जनवरी की सुबह दिल्ली का न्यूनतम तापमान जनवरी महीने में दूसरी बार दो अंकों तक पहुंच सकता है। पिछले कुछ दिनों से चल रही ठंडी और शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाओं की जगह अब पूर्वी दिशा से हवाएं चलेंगी। ये हवाएं अपेक्षाकृत गर्म और नम होंगी, जिससे ठंड की तीव्रता कुछ कम महसूस होगी।
हालांकि अधिकतम तापमान में बहुत बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन बादलों की वजह से दिन के समय धूप सीमित रहेगी। इससे दिन और रात के तापमान के अंतर में भी कमी देखने को मिल सकती है।
24 जनवरी का मौसम और आगे का पूर्वानुमान
24 जनवरी, शनिवार को दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि इस दिन भी आसमान में ऊंचे और मध्यम स्तर के बादल छाए रह सकते हैं। धूप पूरी तरह से तेज नहीं होगी, जिससे मौसम ठंडा और हल्का नम बना रहेगा। हवा की गति सामान्य रहने की उम्मीद है और किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई जा रही है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इसके बाद अगला महत्वपूर्ण बारिश का दौर गणतंत्र दिवस के बाद ही आने की संभावना है। फिलहाल जो बारिश होने जा रही है, वह सर्दियों के इस लंबे सूखे दौर को खत्म करने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।
लोगों के लिए क्या मायने रखता है यह बदलाव
दिल्ली और एनसीआर के निवासियों के लिए यह बारिश कई मायनों में राहत लेकर आएगी। लंबे समय से चली आ रही शुष्क ठंड के कारण हवा में प्रदूषण के स्तर में भी बढ़ोतरी देखी जा रही थी। बारिश के बाद हवा कुछ हद तक साफ हो सकती है और वातावरण में नमी बढ़ेगी। इसके अलावा तापमान में हल्की बढ़ोतरी से ठंड की तीव्रता भी कम हो सकती है।
कुल मिलाकर, यह मौसमी बदलाव राजधानी और आसपास के इलाकों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आ रहा है। लंबे इंतजार के बाद मौसम का यह बदला हुआ रूप लोगों को सर्दी के बीच थोड़ी राहत जरूर देगा।









